रात के ठीक 12 बजे शहर की सबसे पुरानी लाइब्रेरी अचानक अंधेरे में डूब गई। बाहर सब कुछ शांत था, लेकिन अंदर से किसी के कदमों की आवाज़ आ रही थी। ठक... ठक... ठक... लाइब्रेरी का केयरटेकर आवाज़ का पीछा करते हुए पुराने रिकॉर्ड रूम तक पहुँचा। तभी एक काली किताब शेल्फ से नीचे गिर गई। किताब पर न नाम था, न लेखक का कोई पता। उसने जैसे ही किताब खोली, उसके पन्ने अपने आप पलटने लगे। एक पन्ने पर सिर्फ इतना लिखा था—“तुम्हें यहाँ नहीं होना चाहिए।” तभी पास रखी मोमबत्ती बुझ गई। अंधेरे में किसी ने बहुत धीमी आवाज़ में कहा... “वापस जाओ...” केयरटेकर डरते हुए पीछे हटने लगा। तभी उसे अलमारी के पीछे से ठंडी हवा महसूस हुई। उसने किताबें हटाईं और वहाँ एक गुप्त रास्ता दिखाई दिया। रास्ता अंधेरे में जा रहा था... और अंदर से वही कदमों की आवाज़ फिर सुनाई दी।
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