और फिर… वो होता है… जिसका किसी ने तसव्वुर भी नहीं किया था… Clyde जेल के अंदर होते हुए भी… बाहर हमले करवाना शुरू कर देता है… लोग मरते हैं… बम धमाके होते हैं… और हर बार… Clyde पहले से आगाह होता है… Police हैरान है… कि आख़िर वो यह सब कैसे कर रहा है… एक क़ैदी… जेल के अंदर बैठ कर… पूरे शहर को हिला रहा है… Nick Rice अब दबाव में है… Media सवाल कर रही है… Police परेशान है… और शहर में खौफ़ फैल चुका है… Nick Clyde के पास जाता है… उससे सच जानने के लिए… लेकिन Clyde… सीधा जवाब नहीं देता… वो खेलता है… अल्फ़ाज़ से… दिमाग़ से… वो कहता है… "अगर तुमने वो किया… जो मैं कहूँगा… तो शायद… लोग ज़िंदा रहें…" यह एक सीधी धमकी नहीं थी… यह एक शर्त थी… Nick मजबूर हो जाता है… वो एक prosecutor है… लेकिन अब उसे एक मुजरिम की बात माननी पड़ रही है… Clyde उससे अजीब व ग़रीब मुतालबे करता है… कभी अच्छा खाना… कभी आरामदेह cell… कभी मख़सूस वक्त पर मुलाक़ात… पहले तो यह सब मामूली लगता है… लेकिन… हर माँगी गई चीज़ के पीछे… एक बड़ा plan छुपा होता है… और फिर… एक और हमला होता है… एक अहम गवाह… जो case में मदद कर सकता था… वो अचानक मारा जाता है… Police को अंदाज़ा होता है… कि Clyde ने यह सब पहले से plan किया था… वो हर क़दम… हर हरकत… पहले ही सोच चुका है… Nick को अब एक बात समझ आ रही है… यह आदमी सिर्फ बदला नहीं ले रहा… यह system को expose कर रहा है… Clyde उसे कहता है… "तुम लोगों के लिए… इंसाफ़ एक खेल है… Deals… numbers… जीत और हार…" "लेकिन मेरे लिए… यह मेरी family की ज़िंदगी थी…" यह अल्फ़ाज़… Nick को अंदर से हिला देते हैं… अब Nick को अपनी गलती का एहसास होने लगता है…
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