मुझे समझ में आ चुका है कि फिजा से शादी करना मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल थी

मुझे समझ में आ चुका है कि फिजा से शादी करना मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल थी। इसके साथ ही चंद्रमोहन वापस अपनी पत्नी सीमा विश्नोई तथा बच्चों के साथ रहने लगते हैं। परिवार से भी इनका निष्कासन खत्म हो जाता है। कुल मिलाकर चंद्रमोहन की जिंदगी पटरी पर वापस आ जाती है। लेकिन उधर अनुराधा की जिंदगी इस इंसिडेंट के बाद काफी ज्यादा बदल जाती है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक परिवार वाले अनुराधा का भी शुद्धिकरण करते हैं और उसे भी फिजा मोहम्मद से अनुराधा बाली बनाया जाता है। इन सबके बीच अनुराधा लगभग डिप्रेशन में चली जाती हैं। इनके जीवन में अब इनके कुछ दोस्तों के अलावा कोई नहीं बचा था। वह कई बार जान देने की भी कोशिश करती हैं। लेकिन मौका रहते उन्हें बचा लिया जाता है। पिता की मौत पहले ही हो चुकी थी। 2010 में मां की भी मौत हो जाती है। इससे वह और भी ज्यादा टूट जाती हैं
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