यह कहानी 1950 से शुरू होती है, जब एक कार फैक्ट्री में गाड़ियों का निर्माण चल रहा था

यह कहानी 1950 से शुरू होती है, जब एक कार फैक्ट्री में गाड़ियों का निर्माण चल रहा था। उन्हीं में एक लाल रंग की कार थी, जो बाकी सब से अलग और खास लग रही थी। एक मैकेनिक उस पर काम कर रहा था। जैसे ही वह इंजन की जांच कर रहा था, अचानक कार का हुड तेज़ी से अपने आप बंद हो गया और उसका हाथ बुरी तरह कुचल गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद दूसरा मैकेनिक उस कार को देखने आया। जब वह अंदर काम कर रहा था, तो उसकी सिगार की राख सीट पर गिर गई। उसने उस पर ध्यान नहीं दिया और अपनी गलती को नज़रअंदाज़ करते हुए काम जारी रखा। लेकिन उसे अंदाजा भी नहीं था कि यही छोटी सी लापरवाही आगे चलकर भयानक साबित होगी। कुछ घंटों बाद फैक्ट्री का काम खत्म हुआ और सभी कर्मचारी घर जाने लगे। तभी एक सुपरवाइज़र की नज़र उस लाल कार पर पड़ी, जिसकी लाइट अब भी जल रही थी। शक होने पर वह कार के पास गया और जैसे ही उसने दरवाज़ा खोला, अंदर से उसी मैकेनिक की लाश बाहर गिर गई। इस घटना के 28 साल बाद, यानी 1978 का समय दिखाया जाता है। यहाँ कहानी में डेनिस नाम का एक स्टूडेंट आता है, जो अपनी कार से अर्नी नाम के लड़के के घर पहुँचता है। अर्नी एक सीधा-सादा और पढ़ाई में अच्छा लड़का था। दोनों के स्वभाव अलग थे, लेकिन इसके बावजूद उनकी दोस्ती गहरी हो गई।
0:00 / 0:00
Share

More Hindi voice samples

← Return to Studio