chirp3-hd:Achird
Use these settings →2026-04-07
अभी मैं खड़ा हूँ महेशपट्टी में… और आप ये सड़क देख सकते हैं— यही वो सड़क है जो मुसरीघरारी से सरस्वती चौक होते हुए उजियारपुर को जोड़ती है। लेकिन आज इसकी हालत इतनी जर्जर हो चुकी है कि शब्द भी कम पड़ जाएं। सड़क पर चलना मुश्किल ही नहीं, बल्कि खतरे से खाली भी नहीं है। यहां जो रिपेयरिंग का काम चल रहा है… वो काम नहीं, सिर्फ दिखावा लगता है। सड़क पर बस रोड़े बिछा दिए गए हैं… और काम को ऐसे ही छोड़ दिया गया है। न कोई फिनिशिंग, न कोई सही दबाव (रोलर से), न कोई जिम्मेदारी! रोलर गाड़ी एक तरफ खड़ी है… और जनता को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है। पैदल यात्री, साइकिल, मोटरसाइकिल, फोर-व्हीलर— हर कोई इस रास्ते से गुजरता है, लेकिन किसी की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं। सवाल सीधा है— क्या बिहार में सड़क की मरम्मत ऐसे ही होती है? क्या यही है “बदलते बिहार” की तस्वीर? जनता के टैक्स का पैसा आखिर जा कहाँ रहा है? क्यों अधूरे और घटिया काम से लोगों की जिंदगी खतरे में डाली जा रही है? यह जनता की मांग है— इस सड़क की सही तरीके से, गुणवत्ता के साथ मरम्मत हो और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए। क्योंकि अब ये सिर्फ सड़क का मुद्दा नहीं है… ये जनता के हक और सुरक्षा का सवाल है! अगर अब भी जिम्मेदार लोग नहीं जागे… तो जनता अपनी आवाज बुलंद करने को मजबूर होगी!"
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Created: 2026-04-07T09:34:29.351Z