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के दरवाजे पर उनसे जान-पहचान करने गए। कुछ बार दरवाजा खटखटाने पर, िपता और बेटे का सामना तंग अंडरिवयर पहने एक िवशालकाय, हट्टे-कट्टे आदमी से हुआ। "क्या चाहते हो तुम बदमाशो?" देबलाल को इस तरह के अपमानजनक लहजे में बात करने की आदत नहीं थी, लेिकन वह इस नए पड़ोसी के साथ अच्छे संबंध रखना चाहता था। अपना पिरचय देते हुए, उस मुस्िलम हट्टे-कट्टे आदमी ने मोिनका को याद करके और उसके कमजोर िहंदू पित और बेटे से िमलने की बात सोचकर मुस्कुराया। अपना लहजा बदलते हुए, जमाल ने िपता से मजबूती से हाथ िमलाया। देबलाल ने उस मुस्िलम आदमी की ताकत को महसूस िकया और उसकी उभरती हुई मांसपेिशयों और नसों से भरी बड़ी-बड़ी बाइसेप्स को देखा। अपना पिरचय देने और पड़ोस में सुखद रहने की शुभकामनाएँ देने के बाद, िपता और बेटा अपने काम और कॉलेज के िलए िनकल गए। जमाल के पास कोई काम नहीं था। वह िहंदू िववािहत वेश्याओं से दलाली करता था और कभी-कभी पैसे कमाने के िलए नाइट क्लब में गार्ड का काम करता था। उसका कोई नया स्िथर काम ढूंढने का इरादा नहीं था। िफलहाल वह धूप में अपनी मांसपेिशयों को और मजबूत करना चाहता था। वह िपछवाड़े में गया और वज़न के साथ कसरत करने लगा। उसकी बड़ी-बड़ी टैटू वाली मांसपेिशयां तनकर और बड़ी होती जा रही थीं। उसका शरीर इतना मांसल और मर्दाना था िक वह िकसी मुस्िलम बॉडीिबल्डर जैसा लग रहा था। मोिनका अक्सर अपने िपछवाड़े में कपड़े सुखाने के िलए जाती थी। उसके आस-पास कोई पड़ोसी नहीं था, इसिलए उसे उम्मीद नहीं थी िक जमाल उससे कुछ ही दूरी पर खड़ा होगा।उसके आस-पास कभी कोई पड़ोसी नहीं था, इसिलए उसे जमाल को अपने से कुछ ही फीट दूर देखने की उम्मीद नहीं थी। बाहर जानाउसके आस-पास कभी कोई पड़ोसी नहीं था, इसिलए उसे जमाल को अप
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