এही समय में मनुष्य जन्म लेता है, धीरे-धीरे बड़ा होता है और परिवार से प्रेम, स्नेह, शि

এही समय में मनुष्य जन्म लेता है, धीरे-धीरे बड़ा होता है और परिवार से प्रेम, स्नेह, शिक्षा तथा अच्छे संस्कारों की नींव प्राप्त करता है। भविष्य के चरित्र और व्यक्तित्व का आधार भी इसी चरण में तैयार होता है।
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