FenrirUse these settings →
ये फिल्म ऐसी है जिसका अंत 99% लोग समझ ही नहीं पाते। कहानी शुरू होती है जब अन्ना नींद से जागती है और उसे लगता है कि बस आम सी बारिश हो रही है, लेकिन जैसे ही वो आंख खोलती है तो पानी खिड़की से अंदर आकर घर को दूसरी मंज़िल तक भर चुका होता है। उसका बेटा नीचे खेल रहा होता है और उसे खतरे का कोई अंदाज़ा नहीं होता। बिल्डिंग में ऐलान होता है कि सब लोग तुरंत छत पर जाएं, अन्ना जल्दी से सामान समेटती है। तभी उसे एक कॉल आती है कि वो तुरंत ऊपर जाए, लेकिन कॉल कट जाती है। जब वो पीछे मुड़कर देखती है तो उसका बेटा गायब होता है, फिर उसे वो अलमारी में मिल जाता है। तब तक पानी बहुत तेज़ी से बढ़ रहा होता है, लोग बह रहे होते हैं, और जब वो ऊपर जाने की कोशिश करती है तो रास्ता बंद हो जाता है। अचानक एक बहुत बड़ी लहर आती है और पूरी मंज़िल को तबाह कर देती है। अन्ना पानी में अपने बेटे को ढूंढती है, बड़ी मुश्किल से मिलता है लेकिन दरवाज़ा नहीं खुलता। तभी एक आदमी आकर दोनों को बचाता है और बताता है कि ये सब एक उल्का के टकराने की वजह से हुआ है और आधी दुनिया तबाह हो चुकी है। हेलिकॉप्टर आने वाला है, लेकिन सिर्फ अन्ना ज़रूरी है क्योंकि वो एक खास प्रोजेक्ट की इकलौती एक्सपर्ट है। अचानक गैस लीक होती है और जोरदार धमाका होता है, अन्ना पानी में जा गिरती है। फिर उसे एक बच्ची की आवाज़ सुनाई देती है, लेकिन वो उसे बचा नहीं पाती। वो फिर ऊपर पहुंचती है, मगर उसे पता चलता है कि उसका बेटा असल में उसका नहीं बल्कि एक एक्सपेरिमेंट है और कंपनी उसे वापस लेना चाहती है। जब वो छत पर पहुंचते हैं तो सिक्योरिटी वाले बेटे को जबरदस्ती ले जाते हैं और बाकी सबको मार दिया जाता है, क्योंकि असल में सिर्फ अन्ना को बचाना था।
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