बारिश में भीगा हुआ एक साँवला छोटा बालक खड़ा था

बारिश में भीगा हुआ एक साँवला छोटा बालक खड़ा था। उसकी आँखों में अजीब सी चमक थी… चेहरे पर मासूम मुस्कान… और उसके आसपास हल्की नीली रोशनी चमक रही थी। बूढ़ी माँ तुरंत उसे अंदर ले आई। अपने हाथों से उसके कपड़े सुखाए… और वही आखिरी माखन उसके सामने रख दिया। वो छोटा बालक मुस्कुराते हुए माखन खाने लगा। जिस तरह वो माखन खा रहा था… बूढ़ी माँ की आँखों से आँसू बहने लगे। उसे ऐसा महसूस हो रहा था… जैसे वर्षों से उसका इंतज़ार आज पूरा हो गया हो। थोड़ी देर बाद वो बच्चा उठकर दरवाज़े की ओर बढ़ा। जाते-जाते उसने मुस्कुराकर कहा— “माँ… कल मंदिर देखना…” और फिर वो अंधेरी बारिश में धीरे-धीरे गायब हो गया। सुबह जैसे ही गाँव वाले मंदिर पहुँचे… उन्हें देखकर सबके होश उड़ गए। Krishna की मूर्ति के होंठों पर सफेद माखन लगा हुआ था… पूरा मंदिर दिव्य रोशनी से चमक रहा था। गाँव वाले डर और आश्चर्य से काँप उठे। सब समझ गए कि बूढ़ी माँ की भक्ति सच्ची थी। एक-एक करके सभी लोग उसके चरणों में गिर पड़े। तब बूढ़ी माँ मुस्कुराकर बोली— “भगवान को पाने के लिए बड़े मंदिर नहीं… सच्चा प्रेम और विश्वास चाहिए…” अगर आपको भी Krishna पर सच्चा विश्वास है… तो वीडियो को Like करके Comment में “राधे राधे” जरूर लिखें। ऐसी ही रहस्यमयी और भक्ति से भरी सच्ची कहानियों के लिए चैनल को Subscribe करें…
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