छोटे से गाँव में रामू नाम का एक गरीब किसान रहता था। उसके पास थोड़ी सी जमीन थी, जिससे वह बड़ी मुश्किल से अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। रामू का एक बेटा था, जिसका नाम मोहन था। मोहन बहुत समझदार और मेहनती लड़का था। रामू दिन-रात खेतों में मेहनत करता, लेकिन कभी अच्छी फसल होती तो कभी सूखा पड़ जाता। एक साल गाँव में बहुत भयंकर सूखा पड़ा। खेतों में फसल नहीं हुई और लोगों के पास खाने तक की कमी हो गई। रामू बहुत परेशान रहने लगा। एक दिन मोहन ने अपने पिता से कहा, “पिताजी, अगर हम पुराने तरीके छोड़कर नया तरीका अपनाएँ, तो शायद हमारी खेती अच्छी हो सकती है।” रामू ने हैरानी से पूछा, “बेटा, तुम क्या कहना चाहते हो?” मोहन बोला, “हम खेत के पास एक छोटा कुआँ खोदेंगे और बारिश का पानी उसमें जमा करेंगे। फिर उसी पानी से खेतों की सिंचाई करेंगे।” गाँव वाले मोहन की बात सु
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