चालाक और चालबाज़ औरत ने अपने अमीर पति को मारने की साजिश रची

चालाक और चालबाज़ औरत ने अपने अमीर पति को मारने की साजिश रची। उसने अपने पति को उकसाया कि वो मगरमच्छों से भरी नदी में कूद जाए। जब काफी देर तक पति पानी से बाहर नहीं आया, तो दिया को लगा कि अब उसका सपना पूरा हो जाएगा और वो अपने पति की अरबों की संपत्ति की मालकिन बन जाएगी। लेकिन तभी अचानक वो बूढ़ा आदमी पानी से बाहर आ गया— असल में वो तैरना जानता था और बस मज़ाक कर रहा था। यह देखकर निर्दयी औरत ने हार नहीं मानी। उसने फिर से पति को मनाया कि वो उसके लिए एक खतरनाक चट्टान से छलांग लगाए। अपनी मीठी-मीठी बातों में फंसा कर उसने पति को बिना सोचे-समझे चट्टान पर चढ़ा दिया। पति ने गहरी सांस ली और नीचे गहरी खाई में छलांग लगा दी। इस बार, जैसा सोचा था वैसा ही हुआ— वो कभी वापस पानी से ऊपर नहीं आया। चारों तरफ देखने के बाद भी दिया को उसका कोई पता नहीं चला। अपनी चालाकी सफल होती देख, वो खुशी से फूली नहीं समा रही थी। लेकिन तभी उसे एक बड़ी गलती याद आई— उसे स्पीडबोट चलाना ही नहीं आता था। बोट धीरे-धीरे बहती जा रही थी, घबराई हुई दिया ने तुरंत फोन निकाला और पुलिस को कॉल करने की कोशिश की, लेकिन उस घने जंगल में कोई नेटवर्क ही नहीं था। डरी हुई दिया जोर-जोर से मदद के लिए चिल्लाने लगी, लेकिन उसकी आवाज़ सुनने वाला कोई नहीं था। अकेलेपन और डर के इस माहौल में वो कोने में बैठकर फूट-फूट कर रोने लगी।
0:00 / 0:00
← Return to Studio