2026-02-21
तपते हुए रेगिस्तान में एक छोटा-सा खजूर का बीज आकर गिरा। चारों ओर सिर्फ रेत थी, पानी का नामोनिशान नहीं। तभी वहाँ से गुजर रहे एक दयालु ऊँट ने उस बीज को देखा। उसे दया आई। वह रोज़ दूर से अपने मुँह में थोड़ा-सा पानी लाता और बीज पर डाल देता। कुछ ही दिनों में बीज अंकुरित हुआ और धीरे-धीरे एक सुंदर खजूर का पेड़ बन गया। उसकी ठंडी छाया में ऊँट आराम करता और दोनों जैसे अच्छे मित्र बन गए। लेकिन एक दिन भीषण सूखा पड़ा। पानी खत्म हो गया और पेड़ धीरे-धीरे सूख गया। यह देखकर ऊँट बहुत रोया। सीख: सच्चा प्यार और मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाते, वे हमें उम्मीद देना सिखाते हैं।
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Created: 2026-02-21T03:14:37.567Z