“एक छोटे से गाँव में शांति नाम की एक दयालु दादी रहती थीं। हर सुबह वे अपने घर के बाहर पक्षियों को दाना खिलाती थीं। एक दिन एक घायल कबूतर उनके पास आया। वह ठीक से उड़ नहीं पा रहा था। दादी ने उसे प्यार से उठाया और उसकी देखभाल की। धीरे-धीरे कबूतर ठीक हो गया। कुछ दिनों बाद वह फिर से उड़ने लगा। जाने से पहले वह दादी के कंधे पर बैठा, जैसे धन्यवाद कह रहा हो। लेकिन वह हर दिन वापस आता था… क्योंकि उसे एक सच्चा दोस्त मिल गया था। सीख: दया हमेशा लौटकर आती है।”
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Created: 2026-04-01T13:52:01.321Z