"कैसे हो, क्या हो, ये हाल क्यों पूछते हो हमारा... जबकि ये आँसू तो, दिए हुए तुम्हारे हैं... और कितना भी छुपा लें हम, अपने ग़म दुनिया से... मगर इन लफ़्ज़ों का क्या करें... मगर इन लफ़्ज़ों का क्या करें... ये सबको बताते हैं, हम अब भी तुम्हारे हैं..."
Use these settings →2026-04-05
3804ec47-0178-4c3d-93c8-ed926f9f79fe
ID: ed603dd2-24fd-4be6-9c9b-df9b87b4bd6c
Created: 2026-04-05T14:02:26.440Z