शाम का वक्त था… घर के कमरे में हल्की पीली रोशनी जल रही थी… खिड़की के बाहर हवा चल रही थी… और पर्दे धीरे-धीरे हिल रहे थे… कमरे में… एक अजीब सी खामोशी थी… लड़का… बिस्तर के किनारे बैठा था… सिर झुका हुआ… हाथ आपस में जुड़े हुए… चेहरे पर नाराज़गी… और आँखों में… गहरी चोट… दरवाज़ा… धीरे से खुलता है… लड़की अंदर आती है… वह कुछ पल… दरवाज़े पर खड़ी रहती है… फिर धीरे-धीरे… उसकी तरफ बढ़ती है…
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Created: 2026-04-06T12:58:32.594Z