Free English Text to Speech

f84c1184-a8b1-4249-adb2-5ae5eb70289e

قرآن کی پہلی آیت کیا ہے؟

Use these settings →

2026-03-17

f84c1184-a8b1-4249-adb2-5ae5eb70289e

ID: 6f3759fa-ca74-437c-9729-1d40dbf5d16c

Created: 2026-03-17T08:49:48.959Z

More Shares

1b03e85f-2419-46a2-a5f0-cfdc30000c81

लेकिन असली समस्या अब शुरू हुई… उस समय का समाज बहुत कठोर था। जो स्त्री किसी दूसरे पुरुष के घर में रही हो… उसे समाज स्वीकार नहीं करता था सोचिए… वे निर्दोष थीं… फिर भी उन्हें सजा मिल रही थी। उनके अपने परिवार भी उन्हें अपनाने से डर रहे थे उनका भविष्य पूरी तरह अंधेरे में था यह आज़ादी… उनके लिए अधूरी थी। तब उन सभी कन्याओं ने Shree Krishna से प्रार्थना की “हे प्रभु… अब हमें कोई स्वीकार नहीं करेगा हमारी इज्जत… हमारा जीवन… सब खत्म हो जाएगा आप ही हमें सहारा दे सकते हैं…” यह सिर्फ एक प्रार्थना नहीं थी… यह थी सम्मान और अस्तित्व की पुकार। तब श्री कृष्ण ने एक ऐसा निर्णय लिया… जो इतिहास बन गया। उन्होंने सभी 16000 कन्याओं से विवाह कर लिया लेकिन ध्यान दीजिए यह विवाह प्रेम या भोग के लिए नहीं था… यह था उनकी इज्जत बचाने के लिए यह था उन्हें समाज में सम्मान दिलाने के लिए यह था धर्म की रक्षा के लिए यह एक राजा का नहीं… बल्कि एक भगवान का निर्णय था। कहा जाता है कि Shree Krishna ने अपनी दिव्य शक्ति से खुद को 16000 रूपों में विभाजित कर लिया। हर रानी के लिए अलग महल हर महल में स्वयं कृष्ण उपस्थित यह कोई सामान्य बात नहीं थी… यह था ईश्वरीय शक्ति का चमत्कार। तो अगली बार जब कोई कहे कि “कृष्ण की 16000 रानियां थीं…” तो उसे यह जरूर बताना यह कहानी भोग की नहीं… यह कहानी है सम्मान, करुणा और धर्म की अगर आपको यह सच्चाई जानकर आश्चर्य हुआ… तो वीडियो को लाइक करें और ऐसे ही अद्भुत रहस्यों के लिए चैनल को सब्सक्राइब करें

"1b03e85f-2419-46a2-a5f0-cfdc30000c81"

← Return to Studio