कहानी शुरू होती है कंस के वध के बाद… जब श्रीकृष्ण ने मथुरा में अत्याचारी कंस का अंत किया, तब कंस का ससुर — मगध का शक्तिशाली राजा जरासंध क्रोधित हो गया। जरासंध बहुत शक्तिशाली था… उसके पास विशाल सेना थी। उसने प्रण लिया कि वह कृष्ण और मथुरा को नष्ट कर देगा। जरासंध ने एक बार नहीं… बल्कि 17 बार मथुरा पर आक्रमण किया। हर बार श्रीकृष्ण और बलराम ने उसे हराया… लेकिन एक समस्या थी… जरासंध बार-बार अपनी सेना को फिर से इकट्ठा कर लेता था। इससे मथुरा के लोग लगातार युद्ध की मार झेल रहे थे। कृष्ण समझ गए कि यह युद्ध कभी खत्म नहीं होगा। श्रीकृष्ण ने एक ऐसा फैसला लिया, जो देखने में अजीब लगता है… उन्होंने सीधे युद्ध करने के बजाय… मथुरा छोड़ने का निर्णय लिया। उन्होंने सोचा — अगर मैं यहाँ से चला जाऊँ, तो जरासंध मथुरा पर हमला करना बंद कर देगा। और हुआ भी ऐसा ही। कृष्ण अपने लोगों को बचाने के लिए… रणभूमि छोड़कर द्वारका की ओर चले गए।
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Created: 2026-03-30T07:40:09.462Z